डॉ. अमिता श्रृंगी : मानसिक स्वास्थ्य सेवा में उत्कृष्ट कार्य


 

जयपुर। डॉ. अमिता श्रृंगी (पीएच.डी.) एक पुरस्कार विजेता मनोवैज्ञानिक और हिप्नोथेरेपिस्ट (सम्मोहन चिकित्सक) हैं, जिन्हें मानसिक स्वास्थ्य सेवा में उनके नवाचारी और मरीज-केंद्रित दृष्टिकोण के लिए व्यापक रूप से जाना जाता है। मनोविज्ञान के क्षेत्र में उनके उल्लेखनीय योगदान के लिए उन्हें 'यूएन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स' (UN Book of World Records) में एक प्रतिष्ठित स्थान प्राप्त हुआ है, जो भारत में मानसिक स्वास्थ्य के प्रति सोच और उपचार के तरीकों को बदलने के उनके दृढ़ संकल्प को दर्शाता है।

विगत वर्षों में, डॉ. श्रृंगी को कई राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय सम्मान प्राप्त हुए हैं। वर्ष 2024 में, जयपुर में मानसिक स्वास्थ्य सेवाओं में उनके उत्कृष्ट कार्य के लिए राजस्थान के माननीय स्वास्थ्य मंत्री गजेंद्र सिंह खींवसर द्वारा उन्हें सम्मानित किया गया। उनकी उपलब्धियों में 'इंटरनेशनल एमिनेंस एक्सीलेंस अवार्ड 2023 – दुबई' और 'इंडियाज बेस्ट डॉक्टर (मेंटल हेल्थ सर्विसेज) – 2024' जैसे प्रतिष्ठित सम्मान प्रमुखता से शामिल हैं। डॉ. श्रृंगी 'इंटरनेशनल हिप्नोसिस एसोसिएशन' और 'एकेडमी ऑफ हिप्नोसिस – इंडिया' सहित विश्व स्तर पर मान्यता प्राप्त कई पेशेवर संस्थाओं की सक्रिय सदस्य हैं, जो इस क्षेत्र में उनकी साख और वैश्विक सहभागिता को और मजबूत करती हैं। 'अमिता साइकोलॉजी क्लिनिक' की संस्थापिका के रूप में, उन्होंने 21,786 से अधिक मरीजों का सफलतापूर्वक उपचार किया है, जिसमें उनकी सफलता दर 92.6% रही है। उनकी अग्रणी अवधारणा "कॉकटेल थेरेपी"—जो योग, ध्यान, परामर्श (काउंसलिंग), हिप्नोथेरेपी और जीवनशैली प्रबंधन का एक प्रभावी समन्वय है—ने भारत और अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर खासी पहचान हासिल की है। यह पद्धति दवाओं पर निर्भरता को कम करते हुए, मनोवैज्ञानिक समस्याओं के मूल कारणों को प्राकृतिक रूप से ठीक करने पर केंद्रित है। एक गहरे उद्देश्य से प्रेरित होकर, डॉ. श्रृंगी का मिशन समग्र, संवेदनशील और वैज्ञानिक तरीकों से लोगों को उनके मानसिक स्वास्थ्य को पुनः सशक्त बनाने में सक्षम बनाना है। उनका कार्य मरीजों, उभरते मनोवैज्ञानिकों और व्यापक समाज को निरंतर प्रेरित करता है—जो यह सिद्ध करता है कि सही मार्गदर्शन और देखभाल से मानवीय मस्तिष्क में स्वयं को स्वस्थ और समृद्ध करने की असाधारण क्षमता होती है। अपनी क्लिनिकल प्रैक्टिस के अलावा, वह भावी मनोवैज्ञानिकों को प्रशिक्षित करके, जागरूकता कार्यक्रम चलाकर और एक पूर्वाग्रह-मुक्त व सुलभ मानसिक स्वास्थ्य तंत्र की वकालत करके मानसिक स्वास्थ्य के भविष्य को संवारने में सक्रिय योगदान दे रही हैं।

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