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संगीता राजा : गृहिणी से सामाजिक कार्यकर्ता का सफर

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वीणा मोदानी : कला, संगीत और संस्कृति की एक प्रेरणादायी पहचान

जयपुर।   राजस्थान की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को अपनी मधुर आवाज़, अद्भुत प्रतिभा और बहुमुखी कलात्मक व्यक्तित्व से गौरवान्वित करने वाली वीणा मोदानी एक प्रतिष्ठित गायिका, कोरियोग्राफर, कलाकार और सांस्कृतिक हस्ती हैं। पिछले 30 वर्षों से नृत्य, संगीत एवं कोरियोग्राफी के क्षेत्र में सक्रिय रहते हुए उन्होंने अपनी कला के माध्यम से अनेक लोगों के हृदय में विशेष स्थान बनाया है। उनकी सुरीली आवाज़ और प्रभावशाली गायन शैली के कारण उन्हें राजस्थान की ‘आशा भोंसले’ तथा ‘जूनियर आशा भोंसले’ के नाम से पहचान मिली है। उनकी कला राजस्थान की सीमाओं से आगे बढ़कर राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय मंचों तक पहुँची है। वीणा मोदानी को कला, संगीत, महिला सशक्तिकरण एवं सामाजिक योगदान के लिए अनेक प्रतिष्ठित सम्मानों से नवाज़ा गया है। वे Veena Modani Academy of Dance and Music की संस्थापक एवं निदेशक हैं, जहाँ नृत्य और संगीत के माध्यम से विभिन्न आयु वर्ग के विद्यार्थियों की प्रतिभा को निखारा जाता है। वे Veena Modani Events की निदेशक होने के साथ-साथ Jaipur Rhythm Fest की आयोजक एवं परिकल्पनाकार भी हैं। यह महोत्सव नृत्य, संगीत...

सुरभि गुप्ता : भारतीय विद्याओं के क्षेत्र में बनाई विशिष्ट पहचान

जयपुर। जयपुर की सुरभि गुप्ता ने ज्योतिष एवं प्राचीन भारतीय विद्याओं के क्षेत्र में अपने ज्ञान, अनुभव और समर्पण से एक विशिष्ट पहचान बनाई है। 35 वर्षों से अधिक के अनुभव के साथ वे ज्योतिष, अंक ज्योतिष, हस्तरेखा विज्ञान, हस्ताक्षर विश्लेषण और वास्तु शास्त्र के माध्यम से लोगों का मार्गदर्शन कर रही हैं। उनकी इस यात्रा की शुरुआत महज 13 वर्ष की आयु में हुई, जब ज्योतिष के प्रति उनकी जिज्ञासा और रुचि ने एक गहरी साधना का रूप लेना शुरू किया। समय के साथ यह रुचि उनके जीवन का उद्देश्य बनी। दर्शनशास्त्र में स्नातकोत्तर शिक्षा ने उनके चिंतन और दृष्टिकोण को एक व्यापक आधार प्रदान किया, जहाँ परंपरागत ज्ञान और तार्किक समझ का सुंदर समन्वय दिखाई देता है। सेलिब्रिटी ज्योतिषाचार्य के रूप में पहचान रखने वाली सुरभि गुप्ता का कार्यक्षेत्र व्यक्तिगत जीवन तक सीमित नहीं है। वे करियर, व्यवसाय, पारिवारिक संबंधों, व्यक्तिगत विकास और वास्तु से जुड़े विषयों पर भी मार्गदर्शन प्रदान करती हैं। व्यवसाय जगत से जुड़े व्यक्तियों और महत्वाकांक्षी उद्यमियों के लिए ज्योतिष एवं अंक ज्योतिष का दृष्टिकोण विशेष रुचि का विषय है, विशेष...

निकिता कोका : एक आवाज़, एक पहचान और हर मंच पर अपनी छाप छोड़ने का जुनून

जयपुर। निकिता कोका जयपुर, राजस्थान की एक प्रतिभाशाली एंकर, सिंगर, एंटरटेनर और सोशल वर्कर हैं, जिन्होंने अपनी" मां" को आदर्श मानते हुए मेहनत, जुनून और आत्मविश्वास से मनोरंजन की दुनिया में अपनी एक खास पहचान बनाई है। अपनी मधुर आवाज़, ऊर्जावान व्यक्तित्व और शानदार मंच संचालन के लिए पहचानी जाने वाली निकिता हर कार्यक्रम को यादगार बनाने में विश्वास रखती हैं। उनके लिए एंकरिंग केवल एक पेशा नहीं, बल्कि अपने दर्शकों से जुड़ने, खुशियाँ बाँटने और हर पल को खास बनाने का जुनून है। निकिता कॉर्पोरेट इवेंट्स, वेडिंग सेलिब्रेशन्स, रिंग सेरेमनी, हल्दी, मेहंदी, संगीत, एनिवर्सरी, बर्थडे पार्टी, लाइव सिंगिंग, गरबा और डांडिया नाइट्स जैसे विभिन्न आयोजनों में अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन करती हैं। अपनी शानदार कम्युनिकेशन स्किल्स, आत्मविश्वास और दर्शकों के साथ जुड़ने की कला से वह कार्यक्रमों में उत्साह और मनोरंजन का अनूठा माहौल बनाती हैं। निकिता कोका ने अपनी प्रतिभा और समर्पण के माध्यम से कई महत्वपूर्ण उपलब्धियाँ हासिल की हैं। कई सम्मानों के साथ निकिता ने कला, मनोरंजन और सामाजिक सेवा के क्षेत्र में अपनी पह...

डॉ. अमिता श्रृंगी : मानसिक स्वास्थ्य सेवा में उत्कृष्ट कार्य

जयपुर । डॉ. अमिता श्रृंगी (पीएच.डी.) एक पुरस्कार विजेता मनोवैज्ञानिक और हिप्नोथेरेपिस्ट (सम्मोहन चिकित्सक) हैं, जिन्हें मानसिक स्वास्थ्य सेवा में उनके नवाचारी और मरीज-केंद्रित दृष्टिकोण के लिए व्यापक रूप से जाना जाता है। मनोविज्ञान के क्षेत्र में उनके उल्लेखनीय योगदान के लिए उन्हें 'यूएन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स' (UN Book of World Records) में एक प्रतिष्ठित स्थान प्राप्त हुआ है, जो भारत में मानसिक स्वास्थ्य के प्रति सोच और उपचार के तरीकों को बदलने के उनके दृढ़ संकल्प को दर्शाता है। विगत वर्षों में, डॉ. श्रृंगी को कई राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय सम्मान प्राप्त हुए हैं। वर्ष 2024 में, जयपुर में मानसिक स्वास्थ्य सेवाओं में उनके उत्कृष्ट कार्य के लिए राजस्थान के माननीय स्वास्थ्य मंत्री गजेंद्र सिंह खींवसर द्वारा उन्हें सम्मानित किया गया। उनकी उपलब्धियों में 'इंटरनेशनल एमिनेंस एक्सीलेंस अवार्ड 2023 – दुबई' और 'इंडियाज बेस्ट डॉक्टर (मेंटल हेल्थ सर्विसेज) – 2024' जैसे प्रतिष्ठित सम्मान प्रमुखता से शामिल हैं। डॉ. श्रृंगी 'इंटरनेशनल हिप्नोसिस एसोसिएशन' और 'एके...

डॉ. अलका गौड़ : चिकित्सा, उद्यमिता, महिला सशक्तिकरण एवं सामाजिक नेतृत्व की प्रेरक हस्ती

जयपुर । डॉ. अलका गौड़ एक प्रतिष्ठित दंत चिकित्सक, उद्यमी एवं सामाजिक नेतृत्वकर्ता हैं, जो चिकित्सा, आतिथ्य एवं रियल एस्टेट क्षेत्र में अपनी व्यावसायिक सक्रियता के साथ-साथ महिला सशक्तिकरण, स्वास्थ्य, शिक्षा, कौशल विकास और सामाजिक कल्याण के लिए समर्पित हैं। पीरियोडॉन्टिक्स एवं ओरल इम्प्लांटोलॉजी में विशेषज्ञता प्राप्त डॉ. गौड़ ने अपने पेशेवर अनुभव, संगठनात्मक क्षमता और सामाजिक प्रतिबद्धता के माध्यम से समाज के विभिन्न वर्गों के बीच सकारात्मक परिवर्तन लाने का निरंतर प्रयास किया है। चिकित्सा के क्षेत्र में उनकी विशेषज्ञता उन्हें मौखिक स्वास्थ्य एवं दंत चिकित्सा के प्रति जागरूकता बढ़ाने की दिशा में विशेष योगदान देने का अवसर प्रदान करती है। वहीं, उद्यमिता के क्षेत्र में रियल एस्टेट और हॉस्पिटैलिटी से जुड़ी उनकी सक्रियता आर्थिक विकास, रोजगार सृजन और व्यावसायिक अवसरों के विस्तार के प्रति उनकी प्रतिबद्धता को दर्शाती है। वर्तमान में डॉ. अलका गौड़ लघु उद्योग भारती, जयपुर केंद्रीय की उपाध्यक्ष के रूप में सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यमों के विकास, महिला उद्यमियों को प्रोत्साहन तथा स्वदेशी उद्यमिता क...

हेमंत भाई गोयल : बेटे की दिव्यांगता ने बनाया लाखों दिव्यांग जनों का पैरोकार

जयपुर।  राजस्थान में दिव्यांग जनों के अधिकारों की बात जब भी होती है तो हेमंत भाई गोयल का नाम सम्मान के साथ लिया जाता है।  गोयल पिछले लगभग 27 वर्षों से दिव्यांगजनों के अधिकार, सम्मान और सशक्तिकरण के लिए लगातार संघर्ष कर रहे हैं। उनका यह समर्पण केवल सामाजिक सरोकार नहीं बल्कि एक व्यक्तिगत संवेदना से भी जुड़ा है, क्योंकि उनका 34 वर्षीय पुत्र शशांक जन्म से ही दिव्यांग है। यही कारण है कि उन्होंने इस कार्य को अपने जीवन का मिशन बना लिया। 1999 में जब उन्होंने इस दिशा में काम शुरू किया तो एक संकल्प लिया कि वे प्रोफेशनल समाज सेवा नहीं करेंगे। उन्होंने आज तक न सरकार से कोई आर्थिक सहायता ली, न किसी भामाशाह से सहयोग लिया और न ही दिव्यांग जनों से कोई शुल्क लिया। सीमित संसाधनों के बावजूद दृढ़ इच्छाशक्ति के बल पर उन्होंने दिव्यांग अधिकारों की लड़ाई को आगे बढ़ाया। गोयल की जिद, जज्बा,संघर्ष और हौंसला की बदौलत  दिव्यांग सशक्तिकरण के लिए अनेकों ऐसी योजनाएं और अधिकार सबसे पहले राजस्थान में लागू हुए और फिर अन्य प्रदेशों ने राजस्थान से प्रेरित होकर अपने अपने प्रदेशों में लागू किया।  सन् 199...